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Who We Are ?

Short Overview

ज्योतिष विज्ञान के रूप में उतना ही पुराना है जितने की मानव सभ्यता के शास्त्र पुराने है। आज की इस इक्कसवी सदी में मानव जीवन विरोधाभासों का एक समूह सा बन चूका है। हालाँकि विज्ञान और प्रौद्योगिकी की तेजी से प्रगति ने हमारे जीवन को सहज, ख़ुशी और शांतमय बनाने में सफलता तो हासिल कर ली है पर अभी भी कई ऐसी चीज़े है जिनसे ये अछूते है। भौतिकवाद के उच्च स्तर ने आज की सभ्यता में, शायद मनुष्य का ध्यान प्रश्नों में ज्यादा बढ़ा दिया है जैसे कि क्या, कैसे और कब। 

ऋग्वेद के अनुसार हमारे सौरमंडल में कई हजार ब्रह्मांड और सूर्य है जो कि एक महासूर्य के चक्कर लगाते है और इन सभी चीज़ों को सही रूप से परम पिता परमेश्वर चलाता है। सौरमंडल में कई हजार ग्रह है और पृथ्वी उनमे से एक है। पृथ्वी की तरह सूर्य, चंद्र, मंगल, बुध, गुरु, शुक्र, शनि, सारे तारे और नक्षत्र आदि सौरमंडल के सदस्य है और ये सभी माला के मनके के सामान है। सौरमंडल की छोटी से भी छोटी हलचल का असर हमारे ग्रह पृथ्वी पर पड़ता है। इसका असर हम सूर्य और चंद्रमा के रूप में देख सकते है।

ये सच है कि आधुनिक विज्ञान और तकनीक ने मानुषीय समाज में नई और जटिल तरह की चिंताए पैदा करदी है, जिसके कारण मनुष्य का अपने भविष्य के बारे में जानने की उत्सुकता बढ़ चुकी है। ज्योतिष एक विज्ञान और व्यावहारिक विज्ञान की तरह मनुष्य के इतिहास में हमेशा से विद्यमान रहा है। पुराने जमाने में लोगो का ज्योतिष में शौक था। हमारे पूर्वज हमेशा ही कोई भी महत्वपूर्ण काम करने से पहले विश्व प्रसिद्ध ज्योतिषी World Famous Astrologer से विचार विमर्श करते थे ताकि उसके के लिए एक उचित समय निर्धारित किया जा सके । शादी से पहले वर और वधु की कुंडली हमेशा ही मिलाई जाती है और सांसारिक कर्तव्यों का उचित रूप से निर्वाह करने के लिए ज्योतिष को हमेशा एक मार्गदर्शक के रूप माना गया है।

ज्योतिष एक व्यापक विज्ञान है जो कि पृथ्वी पर पड़ने वाले ब्रह्माण्डीय प्रभाव को स्पष्ट करते है और इन सभी का अध्यन हम अलग-अलग वर्गों में कर सकते है। भारतीय ज्योतिषी Indian Astrologer इन सब को जन्म ज्योतिष, सांसारिक ज्योतिष, राजनितिक ज्योतिष और व्यावसायिक ज्योतिष इन चार वर्गों में बांटते है है। इनमें से जन्म ज्योतिष, हरेक व्यक्ति के जन्म से लेकर मरने तक के सभी कार्यो के बारे में स्पष्ट करता है जैसे कि नामकरण संस्कार, मुंडन संस्कार, विवाह संस्कार, मृत्यु संस्कार। सांसारिक ज्योतिष, स्थलीय और सांसारिक घटनाओं जैसे कि वर्षा, सूखा, बाढ़, तूफान, ठण्ड, आग से सम्बंधित है। राजनितिक ज्योतिष, राजनितिक उथल-पुथल, चुनाव, चुनाव प्रचार, सरकारी और राजनितिक नेताओं से सम्बंधित है। व्यावसायिक ज्योतिष, व्यापार और वाणिज्यिक मामलों निवेश परिदृश्य, शेयर बाजार विविधताओं, राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय आर्थिक मामलों, आदि से सम्बंधित है।

ज्योतिष की सबसे महत्वपूर्ण शाखा जन्म ज्योतिष है क्योंकि इसमें व्यक्ति के जिंदगी के बहुत सारे और अलग-अलग पहलु शामिल है। यह मनुष्य की जन्म से ले के मृत्यु तक की पूरी जिंदगी की तस्वीर पेश करता है। यह व्यक्ति की ताकतों और कमजोरियों को दर्शाता है और उनके व्यक्तित्व लक्षण में एक अंतर्दृष्टि प्रदान करता है। यह उनके घरेलू और सामाजिक वातावरण के ऊपर प्रकाश डालता है और उनकी उम्मीदों, आकांक्षाओ और महत्वकांक्षाओ को दर्शाता है।

देवज्ञ कविता वर्मा  आपकी हर समस्या का समाधान घर बैठे ही कर देते है ।